Wednesday, 26 July 2017

क्या बॉक्स ऑफिस पर होगी मुबारकां की पुकार !

जिस दिन लंदन में अनीस बज़्मी की फिल्म मुबारकां की शूटिंग ख़त्म हुई, उसी दिन जश्न के साथ साथ अनीस बज़्मी ने मुबारकां की निर्माता जोड़ी मुराद खेतानी और आश्विन वरदे की अगली फिल्म साइन कर ली।  दिलचस्प बात यह है कि २८ जुलाई को मुबारकां रिलीज़ होगी, इसके एक महीने बाद सितम्बर से अनीस बज़्मी अपनी नई फिल्म की शूटिंग शुरू कर देंगे।  उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी कर ली है।  वह कहते हैं, "मैं इस स्क्रिप्ट पर फिल्म बनाने के लिए और इंतज़ार नहीं कर सकता।  आश्विन और मुराद अच्छे दोस्त बन गए हैं। मैं इनके साथ अगली फिल्म जल्द से जल्द शुरू करना चाहता हूँ।"
अनीस बज़्मी का यह नया अवतार है।  वह आम तौर पर औसतन दो साल में फिल्म रिलीज़ करते रहते हैं।  उनका काम करने का तरीका अलग है।  उनकी कोई बाउंड स्क्रिप्ट नहीं होती।  मोटामोटी कहानी बता देते हैं।  आम तौर पर एक्टर, अनीस की फिल्म मेकिंग को जानते हैं, इसलिए जब वह उनके पास अपनी फिल्म का प्रस्ताव लेकर जाते हैं, तो वह उनकी फिल्म साइन कर लेते हैं।  बाउंड स्क्रिप्ट की डिमांड नहीं करते हैं।  एक बार बातचीत के दौरान लेखक ने उनसे पूछा था कि आपने सलमान खान के साथ फिल्म की।  आमिर खान के साथ क्यों नहीं की ? बोले, "एक बार गया था।  आमिर बोले कि बाउंड स्क्रिप्ट ले कर आओ।  तब मैं फिल्म साइन करने के बारे में सोचूंगा।  मैं चला आया।  मैंने कहा, मैं तो सेट्स पर स्क्रिप्ट्स और डायलाग लिखा करता हूँ।" तो यह तरीका है अनीस बज़्मी के काम करने का।  इसके बावजूद उनके साथ अजय देवगन भी फिल्म कर चुके हैं, अक्षय खन्ना भी और नाना पाटेकर जैसे टेंपरामेंटल एक्टर भी।  \
बतौर लेखक शुरुआत
अनीस बज़्मी ने अपने फिल्म करियर की शुरुआत बतौर लेखक की थी।  उनकी कहानी पर पहली फिल्म डेविड धवन ने स्वर्ग (१९९२) बनाई थी।  यह फिल्म अनीस बज़्मी की तरीके की कहानी से अलग, डेविड धवन की कॉमेडी के बजाय फॅमिली फिल्म थी।  गोविंदा भी डिस्को पर लगातार नहीं थिरक रहे थे। उनकी  आँखों से भी आंसूं निकल रहे थे।  इस फिल्म के बाद अनीस की कलम से प्रतिबन्ध निकली।  साउथ के निर्देशक रवि राजा और एक्टर चिरंजीवी के साथ यह खालिस एक्शन फिल्म थी।  अनीस ने इस फिल्म को तेलुगु अंकुशम की कहानी पर लिखा था।  उन्होंने बतौर लेखक याद रखेगी दुनिया, आज का गुंडाराज, किंग अंकल, ईना मीना डीका, गोपी किशन, द जेंटलमैन, मिस्टर आज़ाद, अंगरक्षक, गुंडाराज, हलचल,  आंदोलन, आर्मी सनम, पृथ्वी, दीवाना मस्ताना, सिर्फ तुम, राजू चाचा, मुझे मेरी बीवी से बचाओ, क़र्ज़ और शॉर्टकट- द कॉन इज ऑन लिखी।  उनकी लिखी ज़्यादातर फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल हुई।
बतौर निर्देशक भी हलचल मचाई
गोविंदा के साथ कॉमेडी शोला और शबनम, आँखें और राजा बाबू, ऋषि कपूर के साथ बोल राधा बोल,  अनिल कपूर से साथ लाडला और अंदाज़ लिखते लिखते अनीस बज़्मी खुद डायरेक्टर बन गए।  बतौर डायरेक्टर उनकी पहली फिल्म किसी गोविंदा या अनिल कपूर के साथ नहीं थी, बल्कि अजय देवगन के साथ हलचल (१९९५) थी। अजय देवगन के साथ अनीस ने कुल तीन फ़िल्में हलचल, प्यार तो होना ही था और दीवानगी की।  दीवानगी साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म थी।  गोविंदा के साथ तो उनकी सैंडविच तो समय के सैंडविच में फंस गई।  अनीस बज़्मी की डायरेक्टर-एक्टर जोड़ी बनी अक्षय कुमार और अनिल कपूर के साथ।  अनीस बज़्मी की सलमान खान,  अनिल कपूर और फरदीन खान के साथ सेक्स कॉमेडी फिल्म नो एंट्री को सुपरहिट सफलता मिली थी।  उन्होंने अक्षय कुमार के साथ वेलकम और सिंह इज किंग जैसी सुपरडुपर हिट फ़िल्में दी।  इन फिल्मों में अनिल कपूर और नाना पाटेकर भी थे।  उनकी दो फ़िल्में एक्शन कॉमेडी नो प्रॉब्लम और रोमकॉम को अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
आम दर्शक की नब्ज़ पहचानने के लिए रेडी फ़िल्में
आम तौर पर सलमान खान की फ़िल्में ईद या दिवाली वीकेंड पर रिलीज़ होती हैं और बड़ा बिज़नेस कर ले जाती हैं।  लेकिन अनीस बज़्मी निर्देशित रेडी ऎसी फिल्म थी, जो किसी ऐसे वीकेंड पर रिलीज़ नहीं हुई थी।  असिन के साथ सलमान खान की यह फिल्म एक्शन, कॉमेडी और इमोशन का मनोरंजक गठजोड़ था।  चालीस करोड़ में बनी इस फिल्म ने  अब तक १८८ करोड़ का ग्रॉस कर लिया है।  इस फिल्म ने करैक्टर ढीला और धिन चिका जैसे गीतों की बदौलत ९५ प्रतिशत से १०० प्रतिशत तक की ओपनिंग ली।  फिल्म ने पहले दिन ही १३ करोड़ की ओपनिंग ली।  फिल्म का ओपनिंग वीकेंड ४२.२५ करोड़ का था।
चार साल के बाद वेलकम बैक
रेडी २०११ में रिलीज़ हुई थी।  रेडी के बाद अनीस सलमान खान के साथ नो एंट्री पर एंट्री बनाना चाहते थे।  सलमान खान की हाँ और न में फंसे अनीस को चार साल लग गए।  फिर २०१५ में आई वेलकम बैक।  वेलकम इस सीक्वल फिल्म में सीक्वल जैसा कुछ था तो इतना ही कि अनिल कपूर, नाना पाटेकर और परेश रावल वेलकम वाले ही थे।  अलबत्ता, अक्षय कुमार की जगह जॉन अब्राहम और कैटरीना कैफ की जगह श्रुति हासन आ गई थी।  फिल्म को ओपनिंग बढ़िया मिली।  फिल्म ने १४.५ करोड़ का ग्रॉस किया।  दूसरे तीसरे दिन यह टेम्पो बना रहा।  फिल्म ने ५१ करोड़ का वीकेंड किया।   ऐसा वीकेंड सलमान खान की फिल्म रेडी को भी नहीं मिला था।  इसके बूते पर वेलकम बैक ने ९६ करोड़ का ग्रॉस किया तथा उस साल की चौथा सबसे अच्छा ग्रॉस करने वाली फिल्म बन गई।  इससे पता चलता है कि दर्शकों को अनीस बज़्मी की फिल्मों का कितना इंतज़ार रहता है।
अब दो साल बाद मुबारकां
दो साल बाद,  २८ जुलाई को अनीस बज़्मी  के निर्देशन में मुबारकां रिलीज़ होगी।  इस फिल्म में अनीस ने केवल निर्देशन की कमान सम्हाली है।  फिल्म रोमांटिक कॉमेडी है।  फिल्म में दोहरी भूमिका का तड़का है।  अर्जुन कपूर दो जुड़वा भाइयों करणवीर सिंह और चरणवीर सिंह का किरदार कर रहे हैं।  अर्जुन कपूर के रियल लाइफ चचा फिल्म में भी उनके चचा  का किरदार कर रहे हैं।  यह पहली फिल्म है, जिसमे रियल लाइफ चाचा भतीजा काम कर रहे हैं।  अर्जुन कपूर के जुड़वा किरदारों की प्रेमिकाएं अथिया शेट्टी और इलीना डिक्रूज़ कर रही  हैं।  फिल्म के गीत धमाल मचाने वाले, ज़्यादातर पंजाबी धुनों पर फुट टैपिंग हैं।  ज़ाहिर है कि अनीस बज़्मी एक बार फिर धमाल मचाने के लिए तैयार है।  फिल्म के निर्माण में ५५ करोड़ और पब्लिसिटी आदि में १५ करोड़ खर्च हुए हैं।  इस प्रकार से ७० करोड़ की यह फिल्म २३०० प्रिंट्स में रिलीज़ होगी।  क्या बॉक्स ऑफिस पर दर्शक इस फिल्म को मुबारकां बोलेंगे ?

अल्पना कांडपाल

नाम लिखने से ही हत्या कर देती है डेथ नोट

सीएटल में हाई स्कूल के छात्र लाइट टर्नर उर्फ़ किरा के हाथ एक सुपरनेचुरल नोट बुक 'डेथ नोट' हाथ लग जाती है।  इस नोट बुक की खासियत यह है कि इस पर जिस शख्स का नाम लिख दिया जायेगा, उसकी मौत हो जाएगी।  लाइट टर्नर फैसला करता है कि वह किरा बन कर इस नोट बुक पर अपराधियों का नाम और मौत का कारण लिख कर उन्हें मार डालेगा और नयी दुनिया की स्थापना करेगा।  लेकिन एक रहस्यपूर्ण जासूस उसे ढूंढ कर, उसके आतंक का राज्य ख़त्म करने का प्रयास करता है।  इस फिल्म में लाइट टर्नर का किरदार नात वुल्फ और कीथ स्टैनफील्ड ने डिटेक्टिव का किरदार किया है। एडम विन्गार्ड निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर प्रसारण के लिए बनाई गई है। यह फिल्म इंग्लिश, जापानी और रशियन भाषा में २५ अगस्त को रिलीज़ होगी।
  

Sunday, 23 July 2017

बरमूडा ट्रायंगल क्रिएट करना चाहते हैं मिस्टर रोबोट के क्रिएटर

बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य आज तक बरकरार है।  इस कॅरीबीयन द्वीप के इस खूनी त्रिकोण में फंस कर कई जहाज गायब हो गए।  इस त्रिकोण के रहस्य को लेकर हॉलीवुड ने कई फिल्में और सीरीज बनाई हैं।  एयरपोर्ट ७७, बरमूडा :केव ऑफ़ द शार्क्स, द बरमूडा डेप्थ्स, बरमूडा टेंटाकल्स, द बरमूडा ट्रायंगल, एनकाउंटर्स इन द डीप, द लैंड दैट टाइम फॉरगॉट, लॉस्ट वॉयेज, मॉन्स्टर आइलैंड, सैटनस ट्रायंगल, द ट्रायंगल और ट्रायंगल जैसी कुछ फ़िल्में इसी कुख्यात ट्रायंगल पर थी।  अब टीवी सीरीज मिस्टर रोबोट के क्रिएटर सैम इस्माइल अपने तौर पर बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य को उकेरना चाहते हैं।  अभी यह बहुत साफ नहीं है कि सैम के इस ट्रायंगल में दर्शकों के लिए क्या रहस्य छुपा होगा ! लेकिन, सैम इस्माइल अल्फ्रेड गॉग और माइल्स मिलर की पटकथा को अपने तौर पर फिर से लिख रहे हैं।  स्क्रिप्ट फाइनल हो जाने के बाद इस्माइल इस पर खुद ही फिल्म का निर्देशन करेंगे।  मगर, सैम के लिए सैम की चुनौती सामने होगी।  निर्माता, लेखक और निर्देशक सैम रैमी भी स्काईडांस के लिए बरमूडा ट्रायंगल के चक्कर लगा रहे हैं।










दो साल की बच्ची की फोटो पर पाकिस्तान की मोरल पुलिसिंग

मॉरल पुलिसिंग के लिहाज़ से पाकिस्तानी भी पीछे नहीं।  ताज़ा किस्सा टीवी एक्ट्रेस आयेजा खान का है।  मोहब्बत तुमसे नफ़रत है और तो दिल का क्या हुआ की एक्ट्रेस आयेजा खान ने पिछले दिनों अपनी दो साल की बेटी का फोटो सोशल साइट्स पर पोस्ट किया।  इस फोटो में उनकी बेटी छोटी जलपरी बनी हुई है। इस फोटो को देखते ही आयेजा पर कमैंट्स की भरमार हो गई।  इसमें पाकी औरते भी पीछे नहीं थी।  एक खातून ने लिखा "बेहूदा पोशाक में बेटी को बाहर निकालती हैं और कहती हैं सोसाइटी बुरी है।" एक दूसरी ने लिखा, "ऐज़ा वह छोटी है।  तुम उसे कैसी ड्रेस पहना रही हो। ऎसी ड्रेस तो तुमने भी नहीं पहनी। ख्याल रखो कि वह लड़की है। बहुत बहुत बहुत खराब। " एक दूसरा कमेंट था, "ऐज़ा यह मुसलमानों के लिए शर्म है।  लिमिट क्रॉस मत करो। ऎसी ड्रेस पहनानी ही है तो प्लीज पब्लिक मत करो। कल कोई बच्ची को टच करेगा तो तुम ही शोर मचाओगी।  मर्दों के जज़्बात उभार कर फिर उनसे कोई उम्मीद न करना।" अंचल नूर नाम की खातून ने व्यंग्य किया, "इसके माँ बाप इतना नहीं कमाते कि उसे पूरे कपडे पहना सके।" एक दूसरा कमेंट था, "क्या तरबियत कर रहे हो यार तुम छोटी सी बच्ची की ! तुम्हे शर्म आनी चाहिए, अभी से यह सीखा रही हो।" वैसे आयेजा को डिफेंड करने वाले लोग कम नहीं थे। आयेजा की बच्ची की फोटो पर कमेंट करने वालों को एक ने कुछ इस प्रकार लताड़ा, "जो लोग इस दो साल की बच्ची की फोटो में न्यूडिटी देख रहे हैं या सेक्सी देख रहे हैं, उन्हें खबरदार होना चाहिए कि उनके दिमाग मे काफी गड़बड़ है।" 

तमिल फिल्मों के आमिर खान हैं सूर्या

सरवनन शिवकुमार अपने स्टेज के नाम सूर्या से ज़्यादा जाने जाते हैं।  जहाँ तक हिंदी फिल्मों की बात है, उन्हें रामगोपाल वर्मा के दर्शक फिल्म रक्तचरित्र में देख चुके हैं।  वैसे सूर्या हिंदी दर्शकों के लिए बॉलीवुड सुपर स्टारों के सुपर स्टार हैं।  आज के तमाम खान और देवगन उन्ही की फिल्मों के हिंदी रीमेक से बने हैं।  आमिर खान को बॉलीवुड का १०० करोड़ क्लब खोलने का मौक़ा सूर्या की तमिल फिल्म गजिनी के रीमेक से मिला। अजय देवगन ने सूर्या की फिल्म सिंघम के रीमेक से बड़ी सफलता हासिल की।   जॉन अब्राहम की फिल्म फाॅर्स सूर्या की तमिल फिल्म खाका  खाका की हिंदी रीमेक थी।  कुसेलन का हिंदी रीमेक बिल्लू बारबर बनाया गया था।  तमिल फिल्म में सूर्या ने स्पेशल अपीयरेंस किया था।  सूर्या की फिल्म २४ को हिंदी में डब कर रिलीज़ किया गया था।  इस फिल्म को हृथिक रोशन और सलमान खान दोनों ही हिंदी में बनाना चाहते हैं।  सूर्या ने अभिषेक बच्चन की फिल्म गुरु के तमिल संस्करण में अभिषेक को अपनी आवाज़ दी थी।  गाज़ी अटैक के हिंदी और तेलगु संस्करणों के नैरेटर सूर्या ही थे।  उन्हें अपनी भिन्न भूमिकाओं के कारण तमिल फिल्मों का आमिर खान कहा जाता है।  उनकी तमिल फिल्म थाना सैरंधा कुट्टम एक एक्शन थ्रिलर फिल्म है।  आज ४२ के हो गए सूर्या।

Saturday, 22 July 2017

जब राजनीतिक दलों के कारण बैन हो जाती हैं फ़िल्में

कांग्रेस द्वारा मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार का आक्रामक विरोध जारी है।  कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुणे और नागपुर में फिल्म की प्रेस कांफ्रेंस को भी नहीं होने दिया।  अब महाराष्ट्र सरकार ने इंदु सरकार की टीम को सुरक्षा मुहैया करा दी है।  लेकिन, कांग्रेस अभी भी शांत नहीं हैं।  उनका कहना है कि मधुर भंडारकर ने एक राजनीतिक पार्टी (बीजेपी) के इशारे पर उनकी नेता इंदिरा गांधी और संजय गांधी की छवि खराब करने की कोशिश की है।  जबकि, मधुर भंडारकर साफ़ कर चुके हैं कि यह ७० प्रतिशत कल्पनाशीलता और ३० प्रतिशत सच की कहानी है।  अलबत्ता, इंदु सरकार के साथ सेंसर बोर्ड और फिल्म उद्योग खड़ा हुआ है।  इसलिए लगता नहीं कि कोई इंदु सरकार को २८ जुलाई को रिलीज़ होने से रोक पायेगा।  
ब्रितानी शासन ने बैन किया भक्त बिदुर को 
इसके बावजूद तमाम ऐसे उदाहरण है, जब राजनीतिक दलों को मिर्ची लगी तो सिनेमाहॉल से तक फिल्म उतरवा दी। कभी किसी फिल्म के विषय से, कभी उसके कलाकारों से या किसी दूसरे कारण से विरोध करने और फिल्मों को रोकने का सिलसिला काफी पुराना है।  सरकारों द्वारा विरोधी स्वरों के कारण किसी फिल्म को रोके जाने का सिलसिला पुराना है। महाभारत काल के विदुर पर कांजीभाई राठौर की फिल्म में विदुर के चरित्र को महात्मा गांधी के व्यक्तित्व के अनुरूप ढाला गया था।  फिम के विदुर बने द्वारिकादास सम्पत बिलकुल गांधी जैसे लग रहे थे।  यह पहली भारतीय फिल्म थी, जिस पर ब्रितानी हुकूमत ने रोक लगाईं। ब्रितानी शासनकाल में राजनीतिक स्वर वाली फ़िल्में ही नहीं गीत तक बैन कर दिए जाते थे ।  किस्मत (१९४५) के गीत 'दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिंदुस्तान हमारा हैँ' को देश की स्वतंत्रता से जोड़ा गया।  सिनेमाघरों में यह गीत पब्लिक डिमांड पर रिपीट किया जाता था।  इसे देखते हुए गीतकार प्रदीप को ब्रिटिश सरकार के क्रोध से बचने के लिये भूमिगत हो जाना पड़ा। 
राजनीतिक कारणों से बैन 
स्वतंत्रता के बाद भी भारतीय फिल्मों को पूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिली। आज़ादी के बाद चुम्बनो का फिल्मों में निषेध हो गया । इसके बाद किन्ही न किन्ही कारणों से फिल्मों पर रोक लगाईं जाती रही।  आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री के बेटे संजय गांधी द्वारा किस्सा कुर्सी का के प्रिंट ही जलवा दिए गए।  आंधी पर रोक लगा दी गई, क्योंकि इसकी नायिका का गेटअप और मेकअप इंदिरा गांधी की तरह किया गया था । कुछ घटनाएं इंदिरा गांधी के साथ घट चुकी शामिल थी। यह फिल्म जनता पार्टी के शासन में आने के बाद ही रिलीज़ हो सकी। बॉम्बे के दंगों के कारण ब्लैक फ्राइडे पर रोक लगा दी गई। १९९३ के दंगों पर अनुराग कश्यप की फिल्म ब्लैक फ्राइडे पर तो बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी रोक लगाईं थी।  दो साल बाद यह फिल्म कोर्ट के आदेश से रिलीज़ हुई। फायर, वाटर, माय नेम इज खान, आदि फ़िल्में धार्मिक राजनीतिक विरोध के कारण रोकी गई। यशराज बैनर की फिल्म फना को तत्कालीन गुजरात सरकार के गुस्से का सामना करना पड़ा। क्योंकि, आमिर खान मेधा पाटकर के आंदोलन में हिस्सा ले रहे थे। गुजरात २००२ के दंगों पर आधारित होने के कारण फिल्म फ़िराक़ और परज़ानिया को गुजरात में रिलीज़ के लायक नहीं समझा गया। सिन फिल्म को एक पादरी के सेक्सुअल रिलेशन दिखाने के कारण रोक का सामना करना पड़ा। इंशाअल्लाह कश्मीर, श्रीलंका के गृहयुद्ध पर नो फायर जोन, सिक्किम को स्वतंत्र देश दिखाने वाली फिल्म सिक्किम को भी राजनीतिक कारणों से बैन का शिकार होना पड़ा।  सिख दंगों पर अमतेज मान की फिल्म १९८४ को दिल्ली और पंजाब में रिलीज़ नहीं होने दिया गया। इंदिरा गांधी हत्याकांड पर पंजाब फिल्म कौम दे हीरे को इंदिरा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन करने के कारण बैन का शिकार होना पड़ा।  
कुछ राज्य सरकारों ने रोकी फ़िल्में 
काफी ऎसी फ़िल्में हैं, जिन्हे विभिन्न राज्य सरकारों ने किसी न किसी कारण से अपने राज्य में रिलीज नहीं होने दिया। इनमे गैर हिंदी फिल्मों के अलावा हॉलीवुड की फ़िल्में भी शामिल थी। आंध्र प्रदेश, नागालैंड और गोवा की सरकारों ने हॉलीवुड फिल्म डा विन्ची कोड को क्रिस्चियन समुदाय विरोधी होने के कारण अपने राज्यों में रिलीज़ नहीं होने दिया।  आंध्र प्रदेश में आरक्षण को अस्थाई तौर पर बैन किया गया।  असम में असमी फिल्म रूनुमि और हिंदी फिल्म टैंगो चार्ली बैन कर दी गई। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखण्ड में बाबा राम रहीम की फिल्म एमएसजी २- द मैसेंजर को जनजाति समुदाय विरोधी होने के कारण बैन किया गया। गुजरात में चाँद बुझ गया, फना, फरज़ानिया और फ़िराक़, महाराष्ट्र में देशद्रोही, पंजाब में डा विन्ची कोड के अलावा आरक्षण को अस्थाई तौर पर, साड्डा हक़, ओह माय प्यो जी, एमएसजी १ और २ द मैसेंजर, नानक शाह फ़क़ीर और संता बंता प्राइवेट लिमिटेड को बैन का सामना करना पड़ा। राजस्थान में अस्थाई तौर पर जोधा अकबर, तमिलनाडु में श्रीलंका के गृहयुद्ध पर इनाम सीलोन, मद्रास कैफे, विश्वरूपम, डैम ९९९, डा विन्ची कोड और ओरे ओरु ग्रामथिले को बैन कर दिया गया। उत्तर प्रदेश में आजा नचले, जोधा अकबर और आरक्षण को अस्थाई तौर पर बैन किया गया। पश्चिम बंगाल में सिटी ऑफ़ जॉय और कंगाल मालसाट को बैन कर दिया गया।   
इसी प्रकार से इन्दु सरकार का मुद्दा भी राजनीतिक है।  लेकिन वर्तमान सरकार को देखते हुए इसे सेंसर द्वारा रोका नही जायेगा। लेकिन, कांग्रेस सरकारें अपने प्रदेशों में इसे रोक सकती हैं।  अभी आपातकाल पर दो फ़िल्में और आनी हैं।  मिलन लुथरिया की फिल्म बादशाहो आपातकाल के दौर पर तो है, लेकिन इसकी कहानी एक डकैती पर ज़्यादा केंद्रित है।  इसमें पोलिटिकल टोन नहीं नज़र आती।  इसके अलावा एक दूसरी फिल्म १९७५ भी आपातकाल पर है।  इसके रिलीज़ होने तक हो सकता है कि फिल्म पर बैन लगा दिया जाए।  राजनीतिक विवशता भी तो अभिव्यक्ति की आज़ादी के आड़े आती हैं।  इस लिहाज़ से सारे दाल भाई भाई हैं।  

राजेंद्र कांडपाल 

देसी शार्प शूटर बाबु मोशाय बन्दूकबाज़, अब ऊँट बेचेंगे इरफान खान, ‘गुडगाँव’ में मुस्कुराई तक नहीं है रागिनी खन्ना, डबल क्रॉस करने वाला एजेंट कैप्टेन नवाब, सीआरपीएफ जवानों के साथ सुशांत सिंह राजपूत, सितारों का जमघट, करण जौहर की ‘शिद्दत’ 'बादशाओ’ में चचा का ‘रश्क-ए-क़मर’ भतीजे ने गाया

बाबू एक शार्प शूटर है।  उसकी ज़िन्दगी में प्यार है, दोस्ती है, निष्ठा है, धोखा और बदला भी है। यह कहानी है उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि पर निर्देशक  कुषाण नंदी की फिल्म बाबूमोशाय बन्दूकबाज़ की। फिल्म बाबू का किरदार नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी कर रहे हैं। अन्य भूमिकाओ  दिव्या दत्ता, श्रद्धा दास और मुरली शर्मा के अलावा नया चेहरा बिदिता बेग के नाम उल्लेखनीय हैं। इस फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश में तमाम रियल लोकेशंस  पर हुई है। पिछले दिनों रिलीज़ इस फिल्म का ट्रेलर उत्सुकता पैदा करने वाला है। ट्रेलर रिलीज़ पर मुआज़ूद नवाज़ुद्दीन कहते हैं,"फिल्म का ट्रीटमेंट इतना रियल और मनोरंजक है कि मुझे लगा कि मैं रियल लाइफ में यह काम कर  चुका हूँ। मैं बाबूमोशाय का हिस्सा बन कर बहुत खुश हूँ।" कुषाण नंदी ने इस फिल्म के लिए पहली बार नवाज़ से  संपर्क किया तो वह स्क्रिप्ट से खुश नहीं थे।  फिर नवाज़ और फिल्म  लेखक ग़ालिब असद भोपाली साथ बैठे और स्क्रिप्ट में बदलाव किया गया। कहते हैं कुषाण नंदी, "अगर नवाज़ फिल्म  को इंकार कर देते तो मैं फिल्म बनाता ही नहीं।  क्योंकि, वह इकलौते एक्टर हैं, जो बाबू को सही तरह से कर  सकते हैं।" फिल्म बाबूमोशाय बन्दूकबाज़ २५ अगस्त को रिलीज़ हो रही है।
अब ऊँट बेचेंगे इरफान खान
इरफान खान सही मायनों में हिंदुस्तान के ग्लोबल स्टार हैं । वह राजस्थान की देहाती परिदृश्य पर आधारित एक प्रेम-गाथा फिल्म द सांग ऑफ स्कॉर्पियन्स से एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय होने जा रहे हैं। अभी इस फिल्म का एक नया ब्रांड लुक रिलीज़ किया गया ।  अनूप सिंह निर्देशित द सांग ऑफ स्कॉर्पियन्स फिल्म में इरफान इस फिल्म में एक ऊँट व्यापारी की भूमिका में हैं ।  इसलिए उनका लुक मरुस्थली बीहड़ के निवासियों की तरह रूखा और उज्जड़ है। इस फिल्म में हॉलीवुड की बहुचर्चित अभिनेत्री गोल्शिफ्ते फरहानी (पाइरेट्स ऑफ द कॅरीबीयन, डेड मेन टेल नो टेल्स) इरफ़ान खान के साथ रोमांस करती नजर आएंगी । इस फिल्म में वहीदा रहमान भी डेल्ही ६ (२००९) के बाद फिर नज़र   आयेंगी ।
गुडगाँव में मुस्कुराई तक नहीं है रागिनी खन्ना !
ससुराल गेंदा फूल के बाद, सात टीवी सीरियलों में कैमिया या स्पेशल अपीयरेंस करने वाली रागिनी खन्ना अब फिर सक्रिय होने जा रही है।  ससुराल गेंदा फूल (२०१०-१२) के बाद छिटपुट शो में नज़र आने वाली रागिनी खन्ना ने एक हिंदी फिल्म तीन थे भाई और एक पंजाबी फिल्म भज्जी इन प्रॉब्लम में अभिनय किया।  अब उनकी दूसरी हिंदी फिल्म गुडगाँव रिलीज़ होने जा रही है।  जार पिक्चर्स की इस फिल्म में उनका किरदार टीवी सीरियलों के किरदारों की तरह चंचल लड़की वाला नहीं।  इस किरदार में उनके लिए अपने भावात्मक पक्ष को दिखाने के भरपूर मौके हैं।  फिल्म के डायरेक्टर शंकर रमन हैं।  रागिनी खन्ना कहती हैं, "मैंने जब स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे लगा किसी डायरेक्टर ने मुझे टीवी की चंचल लड़की के बजाय एक एक्टर के तौर पर देखा। मैं इस फिल्म में हंसना तो दूर एक बार मुस्कुराई तक नहीं हूँ। इस रोल के जरिये मैंने खुद के अनछुए भावात्मक पहलुओं को छुआ है ।  खुद के अंदर कुछ खोजने की कोशिश की है ।" इस फिल्म में उनके नायक ३डी पिज़्ज़ा वाले एक्टर अक्षय ओबेरॉय बताये जा रहे हैं। लेकिन, रागिनीं यह बताने को तक तैयार नहीं होती कि वह उनके नायक हैं ? दरअसल, इस फिल्म में अक्षय और रागिनी भाई-बहन की भूमिका में हैं।  पंकज त्रिपाठी ने एक रियल एस्टेट कारोबारी का किरदार किया है। यह फिल्म ४ अगस्त को रिलीज़ होने जा रही है।  रागिनी की अगली फिल्म का नाम घूमकेतु है। 
डबल क्रॉस करने वाला एजेंट कैप्टेन नवाब

एन्थोनी डिसूज़ा (ब्लूबॉस और टोनी डिसूज़ा के नाम से अज़हर) की स्पाई थ्रिलर फिल्म कैप्टेन नवाब एक ऐसे जासूस की कहानी हैजो हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों के लिए ही जासूसी किया करता है। वह उस समय भारी  मुसीबत में फंस जाता हैजब इन देशों के अधिकारियों को मालूम पड़ता है कि वह डबल क्रॉस कर रहा है।  इस भूमिका को बॉलीवुड के सीरियल किलर और टोनी डिसूज़ा के साथ फिल्म अज़हर कर चुके अभिनेता इमरान हाशमी कर रहे हैं।  वह कैप्टेन नवाब के निर्माता भी है।  आजकल इस फिल्म का क्लाइमेक्स हिंदुस्तान की बर्फीली वादियों में फिल्माया जाना है। इस के लिए हॉलीवुड स्टंट कोरियोग्राफर डान ब्रेडले (इंडिपेंडेंस डेस्पाइडर मैन २ और ३द बॉर्न सुप्रीमसीसुपरमैन रिटर्न्सइंडिआना जोंसक्वांटम ऑफ़ सोलस और मिशन इम्पॉसिबल घोस्ट प्रोटोकॉल ) से बात की जा रही है। कहते हैं डायरेक्टर टोनी डिसूज़ा, "हमें उम्मीद है कि डान हमारी फिल्म करेंगे।  कैप्टेन नवाब एक वॉर फिल्म है।  डान ने पहले भी वॉर फ़िल्में की है।  हमारी फिल्म को  इसका फायदा मिलेगा। उम्मीद है कि क्लाइमेक्स सितम्बर में फिल्मा लिया जायेगा।"  सीआरपीएफ जवानों के साथ सुशांत सिंह राजपूत
इन दिनों फिल्मों में व्यस्त होने के बावजूद सुशांत सिंह राजपूत ने अपने बिजी श्येड्युल से वक़्त निकाल कर मणिपुर के इम्फाल में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों के साथ वक्त बिताया। सुशांत यहाँ पर दो दिन के लिए गयें थे। सेना के साहस और समर्पण से सुशांत काफी प्रभावित हैं। जवानों से हुई अपनी मुलाकात के बाद आर्मी ट्रेनिंग एरिया में खींची गई जवानों के साथ अपनी कुछ तस्वीरें सुशांत ने अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर डाली हैं। सुशांत सिंह राजपुत ने दो दिनों में जवानों के साथ काफी वक्त बिताया और ढेर सारी बातें की। राइफल ट्रेनिंग, लड़ाकू प्रशिक्षण, दौड़ और बाधा दौड़ जैसी ट्रेनिंग एक्टिविटी में सुशांत ने जवानों के साथ हिस्सा भी लिया। ऎसी एक बाधा दौड के दौरान सुशांत ने पाच फिट से कूद मार कर, टायरों के बीच में से दौडतें हुए एक जवान को पीछे भी छोड दिया । इस दौड में जीत हासिल करने पर सैनिकों ने सुशांत को तालियों के गडगडाहट के साथ बधाई दी ।          
सितारों का जमघट, करण जौहर की ‘शिद्दत’

ऐ दिल है मुश्किल के बाद निर्माता करण जौहर की अगली फिल्म का नाम शिद्दत होगा । करण जौहर की फिल्मों की परंपरा में शिद्दत भी सितारों भरी होगी । इस फिल्म को कास्टिंग कू ,फिल्म कहा जा सकता है । फिल्म में श्रीदेवी और संजय दत्त २५ साल बाद एक साथ नज़र आयेंगे । इस जोड़ी की पिछली फिल्म गुमराह १९९३ में रिलीज़ हुई थी । इस फिल्म के साथ तीन इत्तफ़ाक जुड़े हुए हैं । पहला इत्तफाक यह है कि श्रीदेवी और संजय दत्त की आखिरी बार जोड़ी बनाने वाले निर्माता करण जौहर के पिता यश जौहर थे । दूसरा इत्तफाक यह है कि गुमराह (१९९३) का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था । जबकि, करण जौहर की फिल्म में महेश भट्ट की बेटी आलिया भट्ट अहम् किरदार कर रही होंगी । शिद्दत में आलिया भट्ट एक बार फिर वरुण धवन की नायिका होंगी । इनके अलावा सोनाक्षी सिन्हा के साथ आदित्य रॉय कपूर की नई जोड़ी भी बनाई जा रही है । इस फिल्म के साथ तीसरा इत्तफाक यह है कि देश विभाजन की पृष्ठभूमि पर फिल्म का निर्माण करण जौहर के पिता यश जौहर करना चाहते थे । शिद्दत का निर्देशन आलिया भट्ट को २ स्टेट्स फिल्म में डायरेक्ट करने वाले अभिषेक वर्मन करेंगे ।  'बादशाओ में चचा का रश्क-ए-क़मर भतीजे ने गाया
मेरे रश्क-ए-क़मर तू ने पहली नज़र, जब नज़र से मिलायी मज़ा आ गया। नुसरत फ़तेह अली खान ने १९८८ में इस ग़ज़ल को क़व्वाली के अंदाज़ में गा कर लोकप्रिय बनाया था। हालाँकि, यह ग़ज़ल पाकिस्तानियों के बीच पहले भी पसंदीदा थी। इसके बाद यह क़व्वाली भिन्न अंदाज़ में, भिन्न गायकों ने फिल्मों और गैर फिल्मी अलबमों के लिए गई ।  अभी शाहरुख़ खान की फिल्म रईस में इस फिल्म को पाकिस्तानी गायक जुनैद असगर की आवाज़ में शामिल किया गया था। जुनैद ने ही नुसरत फ़तेह अली खान के गीत को रीमिक्स कर गाया था।  इस गीत को टी सीरीज ने अपने वीडियो एल्बम में हृथिक रोशन और सोनम कपूर पर फिल्माया था। जुनैद के इस गीत को यूट्यूब पर अरिजीत सिंह के गाये गीत की तरह से अपलोड किया गया है। बताते हैं कि पैसा कमाने के लिए ऐसा किया गया।  क्योंकि, जुनैद से ज़्यादा अरिजीत सिंह पॉपुलर हैं। यह ऐसा गीत है, जिसके कोरियाई संस्करण भी तैयार किये गए हैं।  अब इस गीत को मिलन लुथरिया ने अपनी इमरजेंसी पर फिल्म बादशाओ में इलिएना डिक्रूज़ और अजय देवगन पर फिल्माया है।  इस गीत को नुसरत फ़तेह अली खान के भतीजे और पाकिस्तानी गायक राहत फ़तेह अली खान ने गाया है। इस गीत का वीडियो शुक्रवार को रिलीज़ हो रहा है। इस गीत के मुख्य किरदारों का एक रोमांटिक पोज़ आज रिलीज़ हुआ है !