Tuesday, 4 July 2017

फ्यूज ट्यूबलाइट वाले सलमान खान

सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट के वितरकों के चेहरे लटके हुए हैं।  पूरे हिंदुस्तान के सिनेमाघर मालिक ठीक से ईद का जश्न भी नहीं मना पाए।  उम्मीद की जा रही थी कि बॉक्स ऑफिस पर लगातार दस सुपर हिट फ़िल्में देने वाले सलमान खान की ११वी फिल्म भी सुपरडपर हिट होगी। पहले दिन ही बाहुबली २ का रिकॉर्ड ध्वस्त कर देगी।  लेकिन ट्यूबलाइट के झटके से सलमान खान तो मुंह के बल जा गिरे हैं। फिल्म के सामने बाहुबली २ के पहले दिन का कलेक्शन पाने के भी लाले पड़े हैं।  
ट्यूबलाइट को रिलीज़ हुए ११ दिन पूरे हो चुके हैं।  फिल्म ने एक हफ्ते में १०० करोड़ का आंकड़ा तो पार कर लिया है।  लेकिन, रिलीज़ के १०वे दिन भी यह फिल्म ११६ करोड़ से ज़्यादा नहीं कमा सकी थी।  इस फिल्म को सलमान खान की फ्लॉप फिल्मों में शामिल कर लिया गया है।  हालाँकि, सलमान खान ऐसा दिखलाते हैं कि उन्हें फिल्म की सफलता या असफलता से ख़ास फर्क नहीं पड़ता। लेकिन, उनकी बॉडी लैंग्वेज और उतरा चेहरा दूसरी कहानी कह रहा है। 
भारी भरकम बजट से असफलता 
 बताते चले कि ट्यूबलाइट १०० करोड़ के  भारी बजट से बनाई गई फिल्म है।  इतने बड़े बजट की फिल्मों को कम से कम तीन सौ करोड़ का ग्रॉस तो करना ही होता है।  ट्यूबलाइट २१ करोड़ का पहला दिन निकाल कर साल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली फिल्म साबित हुई थी।  बॉलीवुड को उम्मीद थी कि पहले की तमाम फिल्मों की तरह सलमान खान को ईदी मिलेगी।  लेकिन, ईद के दिन ही सलमान खान की फिल्म का कलेक्शन गिर कर १९.०९ करोड़ ही रह गया।  यह सलमान खान के लिए ज़बरदस्त झटका था।  वितरकों और प्रदर्शकों के लिए ट्यूबलाइट नुकसानदेह साबित होने जा रही है।  इस फिल्म के थिएट्रिकल राइट्स १३२ करोड़ में खरीदे गए थे।  लेकिन, ट्यूबलाइट का लाइफटाइम कलेक्शन ही १२५- १३० करोड़ के बीच सिमटता दिखाई दे रहा है। वितरकों को ५० से ७० करोड़ का नुकसान हो सकता है।  ज़ाहिर है कि १०० करोड़ क्लब में शामिल हो चुकी ट्यूबलाइट अपने भारी बजट के कारण फ्लॉप फिल्मों में शुमार हो चुकी है।
ट्रेलर है जिम्मेदार !
बॉलीवुड गलियारों से खबर है कि ट्यूबलाइट पूरे भारत  में ६५०० स्क्रीन्स में रिलीज़ हुई थी।  सलमान खान की फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर जैसा परफॉरमेंस करती  है, उससे फिल्म के पहले दिन कम से कम ३० करोड़ का कलेक्शन करने की उम्मीद की जा रही थी।  ईद पर तो ४० करोड़ का कलेक्शन तय माना जा रहा था।  सवाल है कि सलमान खान को सबसे ज़्यादा  फलने वाले ईद वीकेंड में उनकी फिल्म की  इतनी बुरी कमाई कैसे हुई ? इसके लिए ज़िम्मेदार है ट्रेलर।  ट्यूबलाइट का ट्रेलर बेहद सुस्त और ऊबाऊ था।  नाचते-गाते उछलते कूदते सलमान खान और सोहैल खान अपने थुल थुल जिस्म के कारण बिलकुल फब नहीं रहे थे। सलमान खान का रोता चेहरा दर्शकों में कोफ़्त पैदा कर रहा था। वह उनके रोने पर हंसाने को मज़बूर थे।  फिल्म के गीत साधारण थे।   दर्शकों की पसंदीदा करीना कपूर या कटरीना कैफ जैसी कोई भी ग्लैमरस एक्ट्रेस फिल्म में नहीं थी। चीनी सुपरस्टार से उन्हें क्या सरोकार हो सकता था ! फिल्म की बढ़िया ओपनिंग दिलाने में ट्रेलर काफी मदद करता है।  ट्यूबलाइट के मामले में यह बैकफायर कर गया।
फ्लॉप फिल्म का रीमेक
ट्यूबलाइट मैक्सिको के निर्देशक अलेजांद्रो गोमेज़ मॉन्टेवेर्डे की वॉर फैंटसी फिल्म लिटिल बॉय की रीमेक थी।  इस फिल्म के केंद्र में बच्चा था।  कबीर खान  ने इस खांचे में सलमान खान को फिट कर दिया।  यह फिल्म का बेहद अनफिट चुनाव था।  कबीर खान ने पृष्ठभूमि में चीन रखा था।  चीन भारतीय दर्शकों में उत्सुकता पैदा नहीं करता।  चीनियों को मानवता का सबक सिखाने का क्या मतलब हो सकता था ? दिलचस्प तथ्य यह भी था कि बॉलीवुड अमूमन हिट हॉलीवुड फिल्मों के रीमेक करता है।  लेकिन, लिटिल बॉय तो खुद ही फ्लॉप हुई थी।  ऎसी फ्लॉप फिल्म पर मिसफिट कास्टिंग के साथ फिल्म बनाना फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर लुढ़का  ही सकता था।
खराब कहानी और झोलदार ऊबाऊ पटकथा
कबीर खान ने न्यू यॉर्क और काबुल एक्सप्रेस  जैसी फ़िल्में बनाई हैं।  उन्होंने सलमान खान के साथ एक था टाइगर और बजरंगी भाईजान जैसी सुपरहिट फ़िल्में भी बनाई है।  इसलिए कबीर खान ने सलमान खान के साथ अपनी हिट केमिस्ट्री को भुनाने को तरजीह दी।  वह यह भूल गए कि उन्होंने सैफ अली खान के साथ बुरी स्क्रिप्ट वाली सुपर फ्लॉप फैंटम भी दी है।  फैंटम तब फ्लॉप हुई, जब केंद्र में पाकिस्तान और हफ़ीज़ सईद थे।  ट्यूबलाइट की कहानी झोलदार और ढीली स्क्रिप्ट वाली तो थी,  लेकिन सामने चीन था।  कबीर खान ने सिर्फ सलमान खान सितारा इमेज को भुनाने के ख्याल से ही १०० करोड़ फूंक डाले।  सलमान खान से इमोशन निकालना कबीर खान के लिए टेढ़ी खीर हो गया।
क्या बॉलीवुड सीखेगा सबक !
ट्यूबलाइट सबक है।  स्टार पावर से काम नहीं चलने वाला।  सलमान खान भी ईदी तभी पा सकते हैं, जब फिल्म उनकी इमेज के अनुकूल चुस्त कथा पटकथा वाली हो।  शाहरुख़ खान की रईस के बाद सलमान खान की ट्यूबलाइट की असफलता और अक्षय कुमार की फिल्म जॉली एलएलबी २ की सफलता यह साबित करती है कि स्टारडम के साथ कहानी और पटकथा में भी दम होना चाहिए।

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